आपाधापी भरी जिंदगी में गीता का सिर्फ पठन नहीं, मनन भी जरुरी - करूणागिरी

वैन (भिवानी, हरियाणा ब्यूरो - 18.12.2023) :: युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट द्वारा स्थानीय हनुमान ढ़ाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर में 9 दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान कथाव्यास 1008 महामंडलेश्वर साहबी करूणागिरी कथावाचन कर श्रद्धालुओं को भगवद गीता का महत्व बता रही है। कार्यक्रम बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में बतौर अतिथि भिवानी के सीएमओ डा. रघुबीर शांडिल्य, संजय गोयल, रमेश सैनी, विजय सिंहमार, कुसुम गोयल, रीतू गेयल, पवन शास्त्री, मातुनाथ, ध्यानदास महाराज, सुशील गुप्ता, बबलू जांगड़ा, किरण गुप्ता, राजकुमार सैनी पहुंचे। इस मौके पर कथाव्यास 1008 महामंडलेश्वर साहबी करूणागिरी ने कहा कि कलयुग की आपाधापी भरी जिंदगी में गीता का सिर्फ पठन नहीं, बल्कि मनन करना होगा। उन्होंने कहा कि जब कभी कोई व्यक्ति कर्तव्य पथ पर चलते हुए व्यक्तिगत, पारिवारिक, व्यावसायिक या ऐसे किसी विचारव्यूह में उलझता है तो उस मुश्किल समय में श्रीमद्भगवद्गीता उसका हाथ थामती है और मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय धर्म, दर्शन और अध्यात्म का सार है। जो वेदज्ञान नहीं पा सकते, दर्शन और उपनिषद् का स्वाध्याय नहीं कर सकते, भगवद्गीता उनके लिए अतुल्य सम्बल है। सबसे बड़ी बात यह कि यह भारत की सभी धार्मिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं में सहज स्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवत् गीता को पढऩे से हमें आत्म-नियंत्रण के महत्व और इसका अभ्यास करने के तरीके को समझने में मदद मिलती है। भगवद गीता को पढऩे से हमें जीवन का एक अलग नजरिया मिलता है।

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