आगरा में भाजपा ने ध्यान नहीं दिया तो "गयी भैंस पानी में"

व्यूज़ 24 (ब्रज किशोर शर्मा - आगरा, उत्तर प्रदेश) :: जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे नेताओं का विरोध गांव-गांव देखा जा रहा है। पांच साल का समय बीत जाने के बाद विकास की आस लगाए बैठे लोगों का अब धैर्य जबाब देता दिखाई दे रहा है। उसी को लेकर आगरा से सांसद रामशंकर कठेरिया का विरोध देखनो को मिला। विरोध भी हुआ तो उस गांव में हुआ जिस गांव को केंद्र सरकार की योजना के तहत सांसद डॉ रामशंकर कठेरिया ने गोद लिया था। कल उसी गांव में डॉ रामशंकर कठेरिया पहुच रहे थे लेकिन उससे पहले गांव के सेकड़ो लोग हाथो में काले झंडे लेकर सड़कों पर आ गए और जमकर कठेरिया विरोधी नारेबाजी करने लगे। ये सूचना कठेरिया को गांव पहुचेंने से पहले लग गयी। उसके बाद कठेरिया ने अपने काफिले को वापस कर लिया। बताया जा रहा है कि जिस दिन से कठेरिया ने टेहू गांव को गोद लिया है उस दिन से आज तक गांव में विकास नहीं कराया गया। इसी को लेकर डॉ रामशंकर कठेरिया के लिए काले झंडे लेकर लोग घरों से बाहर आ गए।
कठेरिया इन दिनों विवादों में हैं। उनका विरोध इन दिनों जोरों पर है। पहले बाबूलाल से कठेरिया विवाद चलता रहा, फिर केबिनेट मंत्री एस पी सिंह बघेल और एक सेक्टर संयोजक ने यू पी प्रभारी जे पी नड्डा को मेल कर दिया कि अगर डॉ रामशंकर कठेरिया को बीजेपी दोबारा टिकट देती है तो उसे भाजपा खुद हरायेगी। अब देखना ये है कि कठेरिया का जिस तरह से विरोध हो रहा है उससे भाजपा का बड़ा नुकसान होगा होना तो तय है बशर्ते पार्टी इस और ध्यान दे।

Responses

Leave your comment